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मौलाना अबुल कलाम आजाद पर निबंध -MPPSC

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मौलाना अबुल कलाम आजाद पर निबंध




मौलाना अबुल कलाम आजाद का  जन्म -11 नवंबर 1888 (मक्का)

अबुल कलाम आजाद के बारे महत्वपूर्ण तथ्य:-


 इनकी जन्मतिथि पर (11 नवंबर )राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है ,
यह देश के प्रथम शिक्षा मंत्री व भारत रत्न से सम्मानित हैं 
अबुल कलाम आजाद एक कवि, लेखक, पत्रकार व भारतीय स्वतंत्रता सेनानी तथा एक दार्शनिक थे।


 अबुल कलाम आजाद के प्रमुख विचार


1. राष्ट्रवादी विचारक
2. संप्रदायवाद का विरोध
3. आधुनिकता के समर्थक
4.गांधीवादी विचारों से प्रभावित
     
          मौलाना अबुल कलाम आजाद राजनीति में संप्रदाय वाद के विरोधी थे, उनका मानना था कि धर्म व्यक्ति का व्यक्तिगत मामला है अतः इसका प्रयोग राजनीति व राष्ट्रवादी मामलों में नहीं करना चाहिए ,व राजनीति को धर्म से मुक्त रखा जाना चाहिए।

             आजाद पर पश्चिमी दर्शन का प्रभाव था ,अतः उन्होंने आधुनिकतावादी  मूल्यों का समर्थन किया ,उनका मानना था कि परंपरागत रूढ़िवादितागत मूल्यों को जो कि समय अनुकूल नहीं है ,उन्हें समाप्त करके उनके स्थान पर नवीन आधुनिकतावादी मूल्यों को स्थापित किया जाना चाहिए,
 जिससे समाज में समानता बंधुता की भावना का विकास होगा।



 अबुल कलाम आजाद के शिक्षा सम्बन्धी विचार -


          मौलाना अबुल कलाम आजाद मुस्लिम परंपरागत शिक्षा को स्वीकार नहीं करते थे वे आधुनिक शिक्षा वादी सर सैयद अहमद खा के विचारों से सहमत थे , उनका मानना था कि मुस्लिमों के पिछड़ेपन का कारण पारंपरिक शिक्षा पद्धति है जो मुस्लिम समाज के विकास में सक्षम नहीं है ,
आजाद का आधुनिक शिक्षा के प्रति अधिक झुकाव था क्योंकि आधुनिक शिक्षा समय व परिस्थितियों के अनुकूल थी जो समाज में समस्याओं के समाधान में सक्षम थी।

          मौलाना अबुल कलाम आजाद के दर्शन पर गांधी जी के दर्शन का  स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है ,वह सामाजिक समानता के पक्षधर थे वे मनुष्य - मनुष्य के मध्य किसी भी प्रकार के विभेद का खंडन करते थे क्योंकि मनुष्य-मनुष्य के मध्य किया गया भेदभाव ही सामाजिक पतन का मुख्य कारण होता है।

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