सौरमंडल -सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर एवं महत्वपूर्ण तथ्य

 सौरमंडल सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर एवं महत्वपूर्ण तथ्य

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सौरमंडल सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर एवं महत्वपूर्ण तथ्य


सौर मंडल से संबंधित प्रश्न जैसे सौर मंडल के विभिन्न ग्रह, ग्रहों की विशेषताएं,  सूर्य और पृथ्वी के बीच के विभिन्न संबंध ,उपभू -अपभू आदि से संबंधित प्रश्न विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रमुखता से पूछे जाते हैं, यहां पर सौर मंडल से संबंधित अति महत्वपूर्ण तथ्यों, परिभाषाएं एवं महत्वपूर्ण प्रश्नों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जो कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे - SSC, banking exam- IBPS, railway ,police exam, UPSC, MPPSC ,Teacher Eligibility Test ,patwari exam आदि की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण एवं उपयोगी हैं।

 सौर मंडल मैं कौन-कौन से आकाशीय पिंड सम्मिलित होते हैं/ सौरमंडल किसे कहते हैं ?

सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले सभी आकाशीय पिंड सौरमंडल का हिस्सा होते हैं।

इन आकाशीय पिंडों में आठ ग्रह, शुद्र ग्रह ,धूमकेतु ,उल्काए, तथा अन्य आकाशीय पिंड सम्मिलित होते हैं 


सूर्य (sun)से संबंधित परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

सौरमंडल का केंद्र सूर्य हैं।

सौर मंडल के द्रव्यमान का लगभग 99.99 प्रतिशत द्रव्य सूर्य में निहित है।

संपूर्ण सौरमंडल में ऊर्जा का स्रोत सूर्य है।

सूर्य एक गैसीय गोला है, जिसमें हाइड्रोजन गैस लगभग 71% ,हिलियम गैस लगभग 26.5%, एवं 2.5 प्रतिशत प्लाज्मा गैसे पाई जाती है।

सूर्य में नाभिकीय संलयन अभिक्रिया के द्वारा ऊर्जा उत्पन्न होती है।

सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट 16 सेकंड का समय लगता है।

सूर्य के केंद्रीय भाग को प्रकाश मंडल (फोटो स्पेयर) कहते हैं तथा किनारे के भाग को वर्ण मंडल अर्थात (क्रोमोस्फीयर) कहते हैं।

सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का दिखाई देने वाला भाग कोरोना जिसे हिंदी में सूर्य किरीट या सूर्य का मुकुट भी कहा जाता है ।इससे एक्स किरणे उत्सर्जित होती है जो की नग्न आंखों से देखने पर आंखों को नुकसान पहुंचाती है।

सूर्य ग्रहण



ब्रह्मांड वर्ष (कॉसमॉस ईयर ) किसे कहते हैं?

सूर्य के द्वारा दुग्ध मेखला अर्थात मंदाकिनी के केंद्र के चारों ओर एक चक्कर लगाने में जितना समय लगता है उसे ब्रह्मांड वर्ष के रूप में जाना जाता है यह समय  25 करोड वर्षों के बराबर होता है ।

सूर्य अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है।


सूर्य के अंदर जलती हुई गैसों के गुब्बारे या गैसों के खोल बनते हैं जिन्हें सौर धब्बे या सौर कलंक के रूप में जाना जाता है ,इन धब्बों का एक चक्र 22 वर्षों का होता है, इन सौर कलंक या सूर्य के धब्बों के कारण पृथ्वी पर मैग्नेटिक स्टॉर्म उत्पन्न होते हैं जिससे चुंबकीय सुई की दिशा बदल जाती है तथा विभिन्न संचार साधनों जैसे रेडियो टेलीविजन बिजली से चलने वाले सामान कृत्रिम उपग्रहों आदि की कार्यप्रणाली में खराबी हो जाती है।

 सूर्य का व्यास 1392000 किलोमीटर है जो कि पृथ्वी के व्यास का लगभग 110 गुना ज्यादा है, सूर्य पृथ्वी से लगभग 13 लाख  गुना बड़ा है।


औरोरा बोरियलिस एवं औरोरा ऑस्ट्रेलिस क्या है?

सोर पवनों का जब वायुमंडल से घर्षण होता है तो पृथ्वी के दोनों ध्रुवों पर रोशनी की बरसात जैसा नजारा उत्पन्न हो जाता है,जिसे उत्तरी ध्रुव पर औरोरा बोरियलिस तथा दक्षिणी ध्रुव पर औरोरा ऑस्ट्रेलिस के नाम से जाना जाता है।


सौर मंडल के पिंड

सौर मंडल के पिंडों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है 

परंपरागत ग्रह

 बोने ग्रह 

लघु सौरमंडल की पिंड


परंपरागत ग्रह किसे कहते हैं तथा यह कितने प्रकार के होते हैं?

वे आकाशीय या खगोलीय  पिंड जो निम्न शर्तों को पूरा करते हो परंपरागत ग्रह किस श्रेणी में आते हैं।

जो सूर्य के चारों तरफ परिक्रमा करते हो

जिनका आकार स्पष्ट गोलाकार हो।

जिनकी कक्षा साफ हो अर्थात उसकी कक्षा में अन्य आकाशीय पिंडों की उपस्थिति ना हो।

 निम्नलिखित आठ ग्रहों को परंपरागत ग्रहों की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।

इन परंपरागत आठ ग्रहों का क्रम सूर्य से बढ़ती हुई दूरी के अनुसार इस प्रकार है।

  1. बुध- Mercury 
  2. शुक्र - Venus 
  3.  पृथ्वी  -Earth 
  4. मंगल  Mars
  5. बृहस्पति -Jupiter
  6.  शनि-Saturn
  7. अरुण -Uranus
  8. वरुण Neptune 

इन परंपरागत ग्रहों को दो प्रकारों- आंतरिक ग्रह एवं बाह्य ग्रह के रूप में विभाजित किया गया है 

आंतरिक ग्रह- इन्हें पार्थिव ग्रह के नाम से भी जाना जाता है -आंतरिक ग्रहों की संख्या 4 है -

बुध ,शुक्र ,पृथ्वी एवं मंगल

 बाह्य ग्रह -इन ग्रहों को बृहस्पतिय ग्रह के नाम से भी जाना जाता है ,इन  ग्रहों की संख्या 4 है 

बृहस्पति, शनि ,अरुण, वरुण।

विभिन्न ग्रहों की विशेषताओं से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य


बुध -Mercure

यह सूर्य के सबसे नजदीक का ग्रह है 

यह ग्रह सबसे छोटा व सबसे हल्का है 

इस ग्रह का कोई उपग्रह नहीं है।

इस ग्रह का सूर्य के चारों और परिक्रमण काल 88 दिन का होता है जो कि सभी ग्रहों में सबसे कम है।

इस ग्रह का तापांतर सर्वाधिक है।

 बुध ग्रह पर चुंबकीय क्षेत्र का पाया जाना इस ग्रह की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है

शुक्र- Venus

 यह पृथ्वी के सबसे निकट का ग्रह है ,

तथा सबसे चमकीला एवं सबसे गर्म ग्रह भी शुक्र ही है 

इसे सांझ का तारा एवं भोर का तारा भी कहा जाता है क्योंकि यह सुबह के समय पूर्व दिशा में और शाम के समय पश्चिम दिशा में दिखाई पड़ता है

 शुक्र ग्रह क्लॉक वाइज अर्थात  दक्षिणावर्त चक्रण करता है इस कारण  यहाँ सूर्योदय पश्चिम दिशा से होता है,

शुक्र ग्रह का घनत्व आकार व्यास लगभग पृथ्वी के समान होने के कारण इसे पृथ्वी का भगिनी ग्रह या पृथ्वी का जुड़वा ग्रह भी कहा जाता है ,

यूरोपवासी शुक्र ग्रह की पूजा सुंदरता की देवी के रूप में करते थे

 शुक्र ग्रह के वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड लगभग 97 प्रतिशत पाई जाती है इसी कारण से यह सबसे गर्म ग्रह है।

 पृथ्वी -Earth 

पृथ्वी सौरमंडल का पांचवा सबसे बड़ा ग्रह है तथा सूर्य से दूरी के अनुसार इस का क्रम तीसरा है।

जल की उपस्थिति के कारण पृथ्वी ग्रह को नीला ग्रह अर्थात ब्लू प्लेनेट भी कहा जाता है यह सौरमंडल का एकमात्र ग्रह है जिस पर जीवन पाया जाता है।

पृथ्वी ग्रह के बारे में अन्य महत्वपूर्ण तथ्य निम्नलिखित है

सौरमंडल -सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर एवं महत्वपूर्ण तथ्य


पृथ्वी का विषुवतीय व्यास 12756 किलोमीटर है और ध्रुवीय व्यास 12714किलोमीटर है पृथ्वी का औसत व्यास 12742 किलोमीटर है।

पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर लगभग 1610 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से घूमती है।

पृथ्वी को अपने अक्ष पर एक चक्कर पूरा करने में 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड का समय लगता है ,इसे पृथ्वी की घूर्णन गति है दैनिक गति कहते हैं, तथा इसी गति के कारण पृथ्वी पर दिन एवं रात होते हैं।

पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46  सेकंड का समय लगता है।

पृथ्वी द्वारा सूर्य की एक परिक्रमा करने में लगने वाले समय को सौर वर्ष कहा जाता है ,तथा पृथ्वी की इस गति को वार्षिक गति या परिक्रमण काल कहते हैं।

पृथ्वी द्वारा सूर्य का एक चक्कर 365 दिन तथा 6 घंटे अतिरिक्त समय में पूरा होता है ,इन छह घंटों को 4 वर्षों तक समायोजित करके लीप वर्ष की व्यवस्था की गई है, जिसमें फरवरी माह में 29 दिन एवं लीप वर्ष में 366 दिनों की व्यवस्था करके समायोजित किया गया है।।

 सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे निकट का तारा प्रॉक्सिमा सेंचुरी है।

पृथ्वी का अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री के झुकाव होने से पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन की घटना होती है।


मंगल -Mars

मंगल ग्रह लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है ,

मंगल ग्रह के लाल रंग का कारण वहां पर आयरन ऑक्साइड की उपस्थिति है

मंगल ग्रह के 2 उपग्रह -फोबोस और डेमोस ।

सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी जिसका नाम ओलीपस मेसी है, तथा सौरमंडल का सबसे ऊंचा पर्वत जिसका नाम निक्स ओलंपिया है दोनों ही  मंगल ग्रह पर स्थित है।।

                                                         बृहस्पति -Jupiter

यह सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है ,

,बृहस्पति ग्रह अपनी धुरी पर एक चक्कर 10 घंटे में पूरा करता है ,

बृहस्पति ग्रह सूर्य की परिक्रमा 12 वर्ष में पूरी करता है।

बृहस्पति ग्रह के सर्वाधिक उपग्रह है, बृहस्पति ग्रह के उपग्रहों की संख्या 67 है

बृहस्पति का उपग्रह गेनीमेड पीले रंग का उपग्रह है तथा यह सौर मंडल के सभी उपग्रहों में सबसे बड़ा है।

 शनि Saturn 

ring of saturn planet


 इस ग्रह के चारों ओर वलय पाए जाते हैं, इन वलय की संख्या 7 है,

 इस ग्रह का घनत्व सभी ग्रहों में सबसे कम है

 घनत्व कम होने के कारण यह ग्रह पानी पर रखने पर तैरने लगेगा,

शनि ग्रह के कुल 62 उपग्रह है।


अरुण -Uranus

इस ग्रह के चारों ओर भी शनि ग्रह के समान rings  पाए जाते हैं, परंतु इस ग्रह के चारों ओर नो वलय अर्थात रिंग पाए जाते हैं जिनमें पांच प्रमुख वलय के नाम अल्फा बीटा गामा डेल्टा एवं इप्सिलोन है।

यह ग्रह अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है ,जिस कारण इस ग्रह पर सूर्योदय पश्चिम दिशा से होता है एवं सूर्यास्त पूर्व दिशा में।

अरुण ग्रह अपनीधूरी  पर सूर्य की ओर झुका हुआ है अधिक मात्रा में झुकाव के कारण इसे लेटा हुआ ग्रह भी कहा जाता है।

अरुण ग्रह के कुल 27 उपग्रह है जिनमें से टाइटेनिया सबसे बड़ा उपग्रह है।

 वरुण -Neptune 

यह ग्रह सौरमंडल में सूर्य से सबसे अधिक दूरी पर स्थित है ,

इस ग्रह को हरा ग्रह भी कहा जाता है।

इस ग्रह के हरे रंग का प्रमुख कारण यहां पर अति शीतल मेथेन  के बादलों का पाया जाना है।

वरुण ग्रह के कुल 13 उपग्रह है जिनमें से ट्राइटन नामक उपग्रह सबसे बड़ा उपग्रह  है


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